Thursday, March 24, 2022

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Nirankari Faimly Details 



निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का परिवार 

                                          बाबा बूटा सिंह जी 

Nirankari Baba Buta Singh Ji
बाबा बूटा सिंह जी 
 

निरंकारी मिशन की स्थापना बाबा बूटा सिंह जी ने की थी , बाबा बूटा सिंह जी ने भी सभी संतो को प्यार का सन्देश दिया उस टाइम सतसंग जायदा नहीं थी बाबा बूटा सिंह जी ने भी मिशन का बहुत प्रचार किया हलाकि उस टाइम संसाधनों की बहुत कमी थी लेकिन बाबा बूटा सिंह जी ने फिर भी मिशन को अपना जीवन समर्पित कर दिया। बाबा बूटा सिंह जी ने ( 1873 ) से लेकर अंनत स्वांश मिशन के नाम कर दी। 

                                   युगपुरुष बाबा अवतार सिंह जी 

Nirankari Yug Purush Baba Avtar Singh Ji
 युगपुरुष बाबा अवतार सिंह जी 


निरंकारी मिशन के दूसरे गुरु के रूप ने बाबा अवतार सिंह जी ने (1899 ) जनम लिया। बाबा अवतार सिंह जी का जनम वर्तमान पाकिस्तान के लतीफल गाँव में हुआ बाबा अवतार सिंह जी के परिवार वाले उनके रूप से अनजान थे उनको निरंकार का ज्ञान बाबा बूटा सिंह जी के पावन चरणों से हुआ। बाबा अवतार सिंह जी (1929 ) में बाबा बूटा सिंह जी से मिले तो तब उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। बाबा अवतार सिंह जी का जीवन उनके नाम पर ही प्रसिद्ध था , बाबा अवतार सिंह जी को युगपुरुष के नाम से जाना जाने लगा।  उनका जीवन भी जान कल्याण के रूप के ही हुआ और बाबा अवतार सिंह जी ने अपना काम बखूभी निभाया। युगपुरुष बाबा अवतार सिंह जी ने भी मिशन का प्रचार बहुत किया और लोगो को निरंकार का ज्ञान दिया। युगपुरुष बाबा अवतार सिंह जी (1969 ) को  इस नस्वर शरीर को छोड़ कर निरंकार में लीं हो गए। 

                                     बाबा गुरुबचन सिंह जी 

बाबा गुरुबचन सिंह जी
बाबा गुरुबचन सिंह जी 

बाबा अवतार सिंह जी के बाद बाबा गुरुबचन सिंह जी ने गुरुगद्दी को संभाला बाबा गुरु बचन सिंह जी का जन्म ( 10 दिसम्बर 1930 ) को हुआ था।  इनके पिता का नाम अवतार सिंह और माता जी का नाम बहुधवंती था।  बाबा गुरुबचन सिंह जी  बचपन से ही गुरु चरणों से जुड़े हुए थे। बाबा गुरुबचन सिंह जी ने भी सारा जीवन गुरु घर के नाम कर दिया था और कुछ संसारी लोगो ने बाबा गुरुबचन सिंघ जी की हटिया कर दी। वह (24  अप्रैल 1980 ) को निरंकार लीन  हो गए। 

                                         बाबा हरदेव सिंह जी 

Nirankari Baba Hardev Singh Ji
निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी 

निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का जन्म 23 फरवरी 1954 ईशा पूर्व दिल्ली में हुआ है और  इन के पिता जी का नाम गुरुबचन सिंह नि और माता का नाम कुलवंत कौर है। 

इन्होने ने अपनी पढ़ाई शुरू की शिक्षा यादविन्दर पब्लिक स्कूल ( पाटियाला ) जो पंजाब में है वहां से की है।  उसके बाद की शिक्षा रोजरी पब्लिक स्कूल , जो की संत निरंकारी कॉलोनी ( दिल्ली ) में है वहां से पूरी की है। और आप ने विश्वविद्यालय ( दिल्ली ) से सनातन की उपाधि प्राप्त की। 

आप जी की शादी संत निरंकारी मिशन के ही समागम में माता सविंदर जी से (1975 ) में कर दी गई। 

आप जी बचपन से ही शांत सवभाव के थे। आप जी  ने 1971 में सेवादल के रूप में सेवा करनी सुरु कर दी। 

बाबा गुरुबचन जी की हज़ूरी में आप जी ने सभी संतो को भरपूर सेवा की बाबा हरदेव सिंह जी का पूरा बचपन भगति भाव में ही गुजरा।  निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी 2018 को निरंकार लीन हो गए थे। आप जी ने अपना पूरा जीवन जन कल्याण में लगाया।  

बाबा हरदेव सिंह जी का मानवता को सन्देश वीडियो के माध्यम से देखे। 










स्थिरता 

बाबा गुरुबचन सिंह जी ने सारे संसार के भले की कामना की और कुछ संसारी लोगो ने  (1980 ) में  बाबा गुरुबचन सिंह जी की हत्या कर दी।  उस समय निरंकारी परिवार के लिए बहुत बुरा और दुःख दाय समय था। आप जी ने सारे  ही संसार के सामने स्थिरता का बहुत अच्छा  उदहारण  प्रस्तुत किया  आप जी ने सिर्फ वचनो से ही नहीं वास्तविकता से अवगत कराया। जब निरंकारी परिवार दुःख में था तो आप जी को खाली हुई गुरु गद्दी पर( 27 अप्रैल 1980 ) विराजमान होना पड़ा। जब पूरी साध संगत उन लोगो को सजा देने की बोल रही थी तो आप जी ने  पुरे निरंकारी परिवार को सँभालते हुए स्थिरता का प्रमाण दिया। और एक बहुत अच्छा उदहारण दिया की ( खून नालियों ने नहीं नाड़ियों में ही बहना चाहिए )   आप जी के इस भगति और एक्टव के भाव से साडी साध संगत शांत  हो गई। 

मिशन में आप जी का  योगदान __

आप जी जब गुरु गद्दी'पर विराजमान हुए तो आप जी ने उसी समय जन कल्याण के लिए लगा दिया। आप जी ने सभी संतो के लिए ( 2005 ) में निरंकारी सरोवर परिसर में निरंकारी संग्रालय का निर्माण करवाया।  आप जी ने संतो को भरपूर आशीर्वाद दिए और समझाया।  आप जी के विचार सभी संतो के जीवन  प्रभावित करने लगे।   आप जी ने जब मिशन की कमान को संभाला तो आप के परवचनो का देश असर हुआ ही बल्कि विदेश में भी आप जी का परिवार फैलता गया।  आप जी की रहनुमाई में निरंकारी मिशन की 27 देशो में लगभग 2000  से जायदा शाखा है ,  आप जी की हज़ूरी में बहुत संत जुड़ चुके है आप जी ने मिशन और भाईचारे उपदेश देश विदेश में दिया।  आप जी को हिंदी, पंजाबी , के साथ साथ इंग्लिश का ज्ञान भी था इसके साथ साथ आप बहुत ही भाषा बोल लेते थे।  आप जी का सभी संतो को प्यार से समझाना , सब से प्यार करना बहुत आनंदित था।  

                                  माता सविंदर हरदेव जी 

 
माता सविंदर हरदेव जी
                                     माता सविंदर हरदेव जी 

माता सविंदर जी भी बचपन से ही भगति मार्ग पर चलते आये थे। उनका बचपन से ही परमात्मा से जुड़ाव था। उनको भगति के साथ साथ आध्यत्मिक ज्ञान भी था। माता सविंद्रर हरदेव जी ( 1975 ) में एक समागम समारोह में बाबा हरदेव सिंह जी से इनकी शादी कर दी गई। बाबा हरदेव सिंह जी और माता सविंदर जी की सदी मिशन और दुनिया के लिए मिसाल बन गई। क्योकि इनकी शादी बिना दहेज़ के निरंकारी समागम में की थी। और उसके बाद बाबा जी ने सतसंग में ही बिना दहेज़ के सादिया कराने का आदेश दे दिया और बाबा जी अपने आप ही सभी संतो को आशीर्वाद देते थे। निरंकारी मिशन दुनिया के लिए मिसाल बनता जा रहा था लेकिन अचानक बाबा हरदेव सिंह जी के निरंकार लीन होने के बाद माता सविंदर जी को गुरु गद्दी पर विराजमान होना पड़ा लेकिन माता जी जायदा दिन तक गुरु गद्दी पर नहीं विराजमान हो सके और उन्होंने जो वर्तमान निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी को गुरु गद्दी सौंप दी और वह (5 अगस्त 2018 ) को निरंकार लीं हो गए।  

                                   वर्तमान गुरु सुदीक्षा जी 

        
वर्तमान गुरु सुदीक्षा जी
वर्तमान गुरु सुदीक्षा जी 
माता सविंदर हरदेव सिंह जी ने (17 जुलाई 2018 ) को आप जी की सबसे छोटी पुत्री जो की निरंकार की भगति में हमेशा रहते थे उनको गुरु गद्दी पर विराजमान किया और मिशन की जिम्मेदारिया सौंपा दी। आप जी का विवाह पहले अवनीत जो की गुरु चरणों में बिलकुल समर्पित थे उनके साथ हुआ था। उनकी कनाडा में एक सड़क दुर्घटना में वो भी बाबा हरदेव सिंह जी के साथ निरंकार लीन हो गए थे। वर्तमान गुरु माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव जी का विवाह माता सविंदर जी ने रमित जी से करवा दिया था। रमित जी भी निरंकार की भगति में लीन है और माता जी मिशन चलाने और संतो की सेवा में भरपूर योग दान दे रहे है। सुनिए ramit chandna जी ने  (13 मार्च 2022) सतगुर माता ज के जन्म दिन के अवसर पर किये विचार विचार वर्तमान गुरु सुदीक्षा सविंदर हरदेव जी  निरंकारी मिशन के वर्तमान गुरु है।  निरंकारी माता सुदीक्षा जी के पिता बाबा हरदेव सिंह जी और माता सविंदर जी है। निरंकारी सुदीक्षा जी आज निरंकारी मिशन की अगुवाई कर रहे है। आज भी संत समागम बड़ी ही धूम धाम से होते है. माता जी भी देश विदेश में सतसंग कर  चुकी है। सतगुरु माता सुदीक्षा जी के  जनम दिन पर माता जी के विचार जरूर सुनिए। 

इस ब्लॉग में आप को निरंकारी मिशन से जुडी हर जानकारी मिलेगी।  

Dhan Nirankar Ji ....
 

        




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