Tuesday, April 26, 2022

निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का जीवन

                                     Nirankari Baba Hardev Singh Ji Ki Jiwani 




निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज जी का मानवता को समर्पित जीवन के बारे में हम आप जी को विश्तार से बतायगे। तो सुनिए सतगुरु बाबा हरेव सिंह जी के जीवन के बारे में। 

जन्म 

निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का जन्म दिल्ली में 23 फरवरी 1954 पिता गुरुबचन और माता कुलवंत कौर जी के घर हुआ। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी की शुरुवाती शिक्षा घर से ही शुरू हुई। उसके बाद सतगुरु बाब हज़ूर जी ने निरंकारी कालोनी में रोटरी स्कूल पड़ता है वहाँ से और फिर पटियाला से बोर्डिंग स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का जीवन 
सतगुरु बाबा हरदेव सिंह का बचपन से ही निरंकार की भगति में लीन रहते थे और वो हमेशा ही निरंकारी मिशन को आगे की और कैसे ले जाया जाय ये सोचते रहते थे। तो सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी ने 1971 में निरंकारी सेवादल को ज्वाइन कर लिया और मिशन व् सभी संतो की सेवा करने में लग गए। 

शादी 

निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी की शादी 1975 में फर्रुखाबाद में माता सविंदर जी से हो गई। बाबा हरदेव सिंह जी निरंकार को समर्पित जीवन था और माता सविंदर जी भी निरंकारी मिशन से जुड़े हुए थे और वो भी निरंकारी की भगति में रहते थे। सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी के परिवार में तीन नए संत जुड़ गए थे। सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी के तीन बेटिया।  समता जी, सुदीक्षा जी , रेणुका जी । निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का मानव की सर्पित जीवन। 

गुरुगद्दी पर विराजमान  

निरंकारी बाबा गुरुबचन सिंह जी की 1980 को कुछ गलत लोगो ने गोली मर दी थी। तो सतगुरु बाबा गुरुबचन सिंह जी निरंकार लींन हो गए। सतगुरु बाबा गुरुबचन सिंह जी के निरंकार लीं होने के बाद निरंकारी मिशन डगमगाने लगा तो सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी ने निरंकारी मिशन की बागडोर अपने आप संभाली तो सभी संत निरंकारी बाबा गुरुबचन सिंघ जी के निरंकार लीं होने से सब में बहुत रोष था और वो भी उन लोगो के खिलाफ करवाई करने को बोल रहे थे जिन लोगो ने बाबा गुरुबचन सिंह जी को गोली मारी थी। तो बाबा जी ने पुरे संसार के सामने एक बहुत अच्छा उदहारण प्रस्तुत किया की इंसान का खून नालियों में नहीं नाड़ियो में बहना चाहिए। तो सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी ने सभी संतो को समझाया और एक अच्छे गुरु होने का प्रमाण दिया। सतगुरु बाबा हरदेव जी ने निरंकारी मिशन को देश के साथ साथ विदेश में भी बहुत चल चूका था। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी की रहनुमाई में निरंकारी मिशन की 27 देशो में 100 शाखाए है निरंकारी मिशन में निरंकारी बाबा हज़ूर जी की हज़ूरी में लाखो संत जुड़े है। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का जीवन मानव को समर्पित। 

निरंकारी मिशन को समर्पित जीवन 

निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का जीवन इंसानियत के लिए था सतगुरु बाबा जी दिन रात निरंकारी मीसिओं और सभी संतो के लिए प्रचार यात्रा करते थे उन्होंने सभी संतो का ध्यान रखते थे। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी सभी संतो को बहुत ही सच्चे तरिके और प्यार से समझते थे की दुनिया में कैसे जीना है। निरंकारी बाबा जी ने अपना सारा जीवन संतो के लिए लुटा दिया था। सतगुरु बाबा जी ने केवन बोल के ही नहीं बल्कि सभी संतो को ज़ी कर दिखाया है। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी ने सेवादल में जुड़कर सभी संतो की सेवा की। 
हम आप सभी संतो को निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी की बात बताते है जब बाबा हरदेव सिंह जी कॉलेज की पढ़ाई कर रहे थे। जब निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी कॉलेज जाते थे उस समय साधनो की बहुत कमी थी तो सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी ने एक रिक्शा को रोको और बोले मुझे मेरे घर तक छोड़ दो तो रिक्शा वाले ने उनको बैठा लिया रिक्सा वाला थोड़ी जयदा उम्र का था तो सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी ने रिक्शा को रुकवा लिया और उनको पीछे बैठने को बोले तो रिक्शा वाला पीछे बैठ गया तो सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी रिक्शा चलाने लगे और सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी ने अपने घर तक रिक्शा अपने आप चलाकर आए और फिर उन रिक्शा वाले को पुरे पैसे भी दिए। तो निरंकारी सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी शुरू से ही मानव कल्याण के बारे में सोचते थे। हम आप को निरंकारी सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी की वीडियो के लिंक भी दे देते है ताकि आप निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी के विचारो को सुनकर और उनको अपने जीवन में अपना कर अपने जीवन को सफल बनाये। 

निरंकारी सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी की वीडियो  






हम आप सभी को निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी की समागम की वीडियो का लिंक दे दिया है आप सभी निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी विचारो को ध्यान से सुन्ना और अपने जीवन में अपना। 


निरंकार में लींन

सतगुरु बाबा हरदेव जी के बारे में हम ने आप सभी संतो को बताया है की वो बचपन से ही निरंकार की भगति में लींन थे तो आप जी २०१६ में कनाडा में निरंकारी मिशन के प्रचार और वहाँ पर निरंकारी समागम भी था। वहाँ पर आप जी के साथ आप जी के छोटे दामाद भी तो अचानक से आप की वहाँ पर कार पलट गई और आप जी निरंकार लीं हो गए आप जी के साथ आप जी के दामाद अवनीत जी भी निरंकार लींन  हो गए।  वो बोलते है न की सतगुरु जाणीजान होता है तो आप की का 2016 के कैलेंडर में हाथो का जोड़ना और स्टेज पर बहनो का विराजमान होने का आदेश देना और सभी संतो को निरंकार जे जुड़े  रहने और हर इंसान से प्यार करना ये सिखाते हुए आप जी 13 मई 2016 को इस नश्वर शरीर को छोड़ कर निरंकार में लींन हो गए आप जी का सभी संतो को बच्चो के जैसे समझना बहुत अच्छा लगता था आप जी का सभी संतो की गलतिया माफ़ करना उनको फिर से समझना बहुत ही प्यार करना बहुत सूंदर था। आप जी ने अपना पूरा जीवन मानव कल्याण को समर्पित कर दिया। आप जी ने अपने जीवन के 36 वर्ष  निरंकारी मिशन को दिए और सभी संतो को केवल बोल कर नहीं बल्कि जीवन ज़ी कर दिखाया। 

सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी 

सत सत नमन 











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