Tuesday, April 19, 2022

सतगुरु माता सुदीक्षा जी की जीवन यात्रा



सतगुरु माता सुदीक्षा जी के जीवन के बारे में मह्त्वपूर्ण जानकारी 

सतगुरु माता जी का जन्म -

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का जन्म सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी के घर पर 13 मार्च 1985 को निरंकारी कालोनी में हुआ था। सतगुरु माता सुदीक्षा जी की माता जी का नाम सविंदर था। माता सविंदर जी ने बाबा हरदेव सिंह जी के बाद निरंकारी मिशन  निरिक्षण किया था लेकिन कुछ टाइम तक ही कर पाए। उसके कुछ दिनों बाद ही माता सविंदर हरदेव जी भ्रमलीन हो गए।  सुदीक्षा माता जी सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी की सबसे छोटी बेटी है बाबा हरदेव सिघ जी  तीन बेटिया है सतगुरु माता सुदीक्षा जी सबसे छोटी है।  आप जी बचपन से ही ,समागमों में जाने लगे थे आप जी गुरु भगति में हमेशा लींन रहते थे। आप जी हमेशा सबकी लाड़ली रहे थे।  निरंकार भगति में लीन रहना  आप जी को बहुत पसंद था। सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने मनोविज्ञान में ग्रजुऐशन किया है। उन्होंने 2007 में अपनी मनोविज्ञान की पढ़ाई पूरी की। 

गुरुगद्दी पर विराजमान 

सतगुरु माता सुदीक्षा जी 16 जुलाई 2018 को गुरुगद्दी की जिम्मेदारी और सतगुरु माता सुदीक्षा जी के गुरुगद्दी पर विराजमान होने के 20 दिन बाद ही  सतगुरु माता सविंदर जी भ्रमलीन हो गए। सतगुरु माता सुदीक्षा जी वर्तमान गुरु है जो की ५वे निरंकारी गुरु है। सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने निरंकारी मिशन की बाग़ डोर संभाली थी. हम आप को बताते है की सतगुरु माता सुदीक्षा जी के शादी 2015 में अवनीत जी बाबा हरदेव सिंह जी की हज़ूरी में हो गए थी। मिशन  ऊप्पर की और बढ़ता जा रहा  बाबा हरदेव सिंह जी की रहनुमाई में 27 देशो में निरंकारी मिशन फ़ैल चूका था। सब कुछ अच्छे से चल रहा था फिर अचानक बहुत ही दुखद घडिया आई। बाबा हरदेव सिंह जी का कनाडा में कर दुर्घटना हो गई और बाबा हरदेव सिंह जी भ्र्मलीन हो गए। उस टाइम बाबा हरदेव सिंह जी के साथ अवनीत जी भी थे और वो भी बाबा हरदेव सिंह जी के साथ भ्र्मलीन हो गए। उस समय सब शोक में थे लेकिन वर्तमान गुरु को सब कुछ पता होता है इस लिए सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी ने पहले ही बहनो को गुरुगद्दी पर विराजमान होने के आदेश दे दिए थे। सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी के बाद सतगुरु माता सविंदर जी को गुरुगादि पर विराजमान कर दिया। सतगुरु माता सविंदर जी ने कुछ ही दिनों के बाद सतगुर माता सुदीक्षा जी को गुरुगद्दी पर विराजमान कर के तिलक कर दिया।


 तो सतगुरु माता सविंदर जी ने वर्तमान गुरु सुदीक्षा जी की शादी फिर रमित जी के करवा दी गई रमित जी भी निरंकार भगति में बहुत ही लीन थे। रमित जी भी निरंकारी मिशन को आगे होर फ़ैलाने में बहुत सहयोग दे रहे है। निरंकारी मिशन के साथ सतगुरु माता जी का शुरू से ही बहुत लगाव था। आप जी ने अभी covid 19 में भी देश और देश के सभी देशवाशियो के लिए बहुत ही अच्छा काम किया है आप जी ने सभी भवनो को covid की बीमारियों से लड़ने के लिए covid sheld बनवा दिए थे। आप जी ने सभी युवा संतो के लिए NYS का समागम भी करवाया। निरंकारी सतगुरु माता भारत के कोने कोने के साथ साथ विदेशो में भी अमन और शांति का प्रचार किया और इस निरंकार परमपिता से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। रमित जी भी आप के साथ इस परोपकारी मार्ग पर हर संभव साथ दे रहे आप जी मानव कलयाण के लिए जो भी कदम उठाये है उन पर रमित की ने आप का बहुत साथ दिया। आप जी ने युवा संतो के लिए NYS में हर प्रकार के खेलो का आयोजन किया और खेलो के साथ साथ उसने डांस होर भी बहुत से कार्यकर्म थे। सभी संतो ने खूब भाग लिया और सभी ले सतगुरु के आशीर्वाद भी प्राप्त किये।  

मिशन को समर्पित जीवन 

निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी बचपन से ही मिशन से जुड़े हुए थे। सतगुरु माता जी के गुरुगद्दी पर विराजमान होने के पश्चात आप जी ने सभी संतो का भला और सभी संतो की सुख सुविधा का प्रबंध करना। आप जी ने पानीपत ( समालखा ) में समागम के लिए जो जगह ली थी आप जी जल्दी ही वहाँ पर सेवा ;लगवा दी आप जी ने सभी कामो को पहले से ही कर रखा था लेकिन सभी संतो को आशीर्वाद देने के लिए आप जी बुलाया और सभी संतो को भरपूर आशीर्वाद दिया। आप की का संतो के लिए इतना प्यार देख कर बहुत अच्छा लगता है। हाल ही में आप जी के जन्मदिन पर वहाँ पर एक दिन का समागम हुआ था तो सभी संतो का लाइनो सभी काम करना बहुत ही आंनद आया। आप जी दिन रात सभी संतो को आशीर्वाद देने के लिए बहुत से समागमों का आयोजन करते है। आप जी का सभी संतो के प्रति इतना प्यार सच में दिल खुश हो जाता है। आप जी का सभी संतो को प्यार से और बार बार समझना और उनकी सभी गलतियों को माफ़ कर के उनको सही राह देखना। आप जी का सभी संतो को प्यार भरी नजरो से उनका उद्धार करना सुच में ये एक पूरन गुरु ही कर सकता है। आप जी का देश के साथ साथ विदेश में भी सत्संगो में जाना। और अब इस कॅरोना की महामारी में बही आप जी का सभी संतो जो वर्चुअल रूप में दर्शन देना और सब को प्यार से भगति मार्ग पर चलना सीखना और वर्चुअल रूप में समागम का आयोजन करना। आप जी का पूरा जीवन मिशन को समर्पित और सभी को मानव क्यालण की तरफ रूह ब रूह  करना आप जी सभी संतो को को निरंकार परमपिता परमात्मा के साथ जोड़ना और बताना की ये निरंकार ही हम सब का आधार हैं।आप की का सभी संतो को बच्चो की तरह समझना और समझाते समझाते बच्चा बन जाना। आप जी का स्थिरता को लेकर सभी को बताना की जीवन में अपने आप को एक मत कैसे रखे। आप जी मिशन को समर्पित जीवन। 

 निरंकारी स्लोगन सतगुरु को समर्पित 

  • सतगुरु माता जी की न जाने किस किस जनम में कौन से थोड़े बहुत अच्छे कर्म किये होंगे। 

         की वो  अच्छे कर्म जुड़ते जुड़ते इतने हो गए कि आज हम पूर्ण सतगुरु की सरण में है। 

  • जो तकलीफ है वो भी आप का आशीर्वाद है मैं हर पल तुझे याद करू तूने मुझे मौका दिया है  

        कि मैं तुझे जान सकूँ और तेरे एहसास में जी सकूँ मेरे सतगुरु। 

  • ज्ञान कर्म में ढल जाए तो जीवन का सिंगार बने। 
  • तेरा एहसास हरदम रहे आप से जुड़े रहे आप का हुकम माने मेरे सतगुरु किरपा करना। 
  • जो भी ये चाहता है, करता वही है।  जो भी ये करता है , होता सही है। 

हम ने आप सभी को निरंकारी वर्तमान सतगुरु सुदीक्षा माता जी के जीवन के बारे में थोड़ा बहुत बताया है आशा है की आप को यह जानकारी अच्छी लगी होगीं। 

धन निरंकार जी। 


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