Nirankari Guru Baba Buta Singh Ji, Nirankari Baba Avtar Singh Ji, Nirankari Baba Gurubachan Ji, Nirankari Baba Hardev Singh Ji , Nirankari Mata Savinder Ji, Nirankari Mata Sudiksha Ji Nirankari Yug Blog
निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का परिवार
बाबा बूटा सिंह जी
निरंकारी मिशन की स्थापना बाबा बूटा सिंह जी ने की थी , बाबा बूटा सिंह जी ने भी सभी संतो को प्यार का सन्देश दिया उस टाइम सतसंग जायदा नहीं थी बाबा बूटा सिंह जी ने भी मिशन का बहुत प्रचार किया हलाकि उस टाइम संसाधनों की बहुत कमी थी लेकिन बाबा बूटा सिंह जी ने फिर भी मिशन को अपना जीवन समर्पित कर दिया। बाबा बूटा सिंह जी ने ( 1873 ) से लेकर अंनत स्वांश मिशन के नाम कर दी।
युगपुरुष बाबा अवतार सिंह जी
![]() |
| युगपुरुष बाबा अवतार सिंह जी |
निरंकारी मिशन के दूसरे गुरु के रूप ने बाबा अवतार सिंह जी ने (1899 ) जनम लिया। बाबा अवतार सिंह जी का जनम वर्तमान पाकिस्तान के लतीफल गाँव में हुआ बाबा अवतार सिंह जी के परिवार वाले उनके रूप से अनजान थे उनको निरंकार का ज्ञान बाबा बूटा सिंह जी के पावन चरणों से हुआ। बाबा अवतार सिंह जी (1929 ) में बाबा बूटा सिंह जी से मिले तो तब उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। बाबा अवतार सिंह जी का जीवन उनके नाम पर ही प्रसिद्ध था , बाबा अवतार सिंह जी को युगपुरुष के नाम से जाना जाने लगा। उनका जीवन भी जान कल्याण के रूप के ही हुआ और बाबा अवतार सिंह जी ने अपना काम बखूभी निभाया। युगपुरुष बाबा अवतार सिंह जी ने भी मिशन का प्रचार बहुत किया और लोगो को निरंकार का ज्ञान दिया। युगपुरुष बाबा अवतार सिंह जी (1969 ) को इस नस्वर शरीर को छोड़ कर निरंकार में लीं हो गए।
बाबा गुरुबचन सिंह जी
![]() |
| बाबा गुरुबचन सिंह जी |
बाबा अवतार सिंह जी के बाद बाबा गुरुबचन सिंह जी ने गुरुगद्दी को संभाला बाबा गुरु बचन सिंह जी का जन्म ( 10 दिसम्बर 1930 ) को हुआ था। इनके पिता का नाम अवतार सिंह और माता जी का नाम बहुधवंती था। बाबा गुरुबचन सिंह जी बचपन से ही गुरु चरणों से जुड़े हुए थे। बाबा गुरुबचन सिंह जी ने भी सारा जीवन गुरु घर के नाम कर दिया था और कुछ संसारी लोगो ने बाबा गुरुबचन सिंघ जी की हटिया कर दी। वह (24 अप्रैल 1980 ) को निरंकार लीन हो गए।
बाबा हरदेव सिंह जी
![]() |
| निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी |
इन्होने ने अपनी पढ़ाई शुरू की शिक्षा यादविन्दर पब्लिक स्कूल ( पाटियाला ) जो पंजाब में है वहां से की है। उसके बाद की शिक्षा रोजरी पब्लिक स्कूल , जो की संत निरंकारी कॉलोनी ( दिल्ली ) में है वहां से पूरी की है। और आप ने विश्वविद्यालय ( दिल्ली ) से सनातन की उपाधि प्राप्त की।
आप जी की शादी संत निरंकारी मिशन के ही समागम में माता सविंदर जी से (1975 ) में कर दी गई।
आप जी बचपन से ही शांत सवभाव के थे। आप जी ने 1971 में सेवादल के रूप में सेवा करनी सुरु कर दी।
बाबा गुरुबचन जी की हज़ूरी में आप जी ने सभी संतो को भरपूर सेवा की बाबा हरदेव सिंह जी का पूरा बचपन भगति भाव में ही गुजरा। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी 2018 को निरंकार लीन हो गए थे। आप जी ने अपना पूरा जीवन जन कल्याण में लगाया।
बाबा हरदेव सिंह जी का मानवता को सन्देश वीडियो के माध्यम से देखे।
स्थिरता
बाबा गुरुबचन सिंह जी ने सारे संसार के भले की कामना की और कुछ संसारी लोगो ने (1980 ) में बाबा गुरुबचन सिंह जी की हत्या कर दी। उस समय निरंकारी परिवार के लिए बहुत बुरा और दुःख दाय समय था। आप जी ने सारे ही संसार के सामने स्थिरता का बहुत अच्छा उदहारण प्रस्तुत किया आप जी ने सिर्फ वचनो से ही नहीं वास्तविकता से अवगत कराया। जब निरंकारी परिवार दुःख में था तो आप जी को खाली हुई गुरु गद्दी पर( 27 अप्रैल 1980 ) विराजमान होना पड़ा। जब पूरी साध संगत उन लोगो को सजा देने की बोल रही थी तो आप जी ने पुरे निरंकारी परिवार को सँभालते हुए स्थिरता का प्रमाण दिया। और एक बहुत अच्छा उदहारण दिया की ( खून नालियों ने नहीं नाड़ियों में ही बहना चाहिए ) आप जी के इस भगति और एक्टव के भाव से साडी साध संगत शांत हो गई।
मिशन में आप जी का योगदान __
आप जी जब गुरु गद्दी'पर विराजमान हुए तो आप जी ने उसी समय जन कल्याण के लिए लगा दिया। आप जी ने सभी संतो के लिए ( 2005 ) में निरंकारी सरोवर परिसर में निरंकारी संग्रालय का निर्माण करवाया। आप जी ने संतो को भरपूर आशीर्वाद दिए और समझाया। आप जी के विचार सभी संतो के जीवन प्रभावित करने लगे। आप जी ने जब मिशन की कमान को संभाला तो आप के परवचनो का देश असर हुआ ही बल्कि विदेश में भी आप जी का परिवार फैलता गया। आप जी की रहनुमाई में निरंकारी मिशन की 27 देशो में लगभग 2000 से जायदा शाखा है , आप जी की हज़ूरी में बहुत संत जुड़ चुके है आप जी ने मिशन और भाईचारे उपदेश देश विदेश में दिया। आप जी को हिंदी, पंजाबी , के साथ साथ इंग्लिश का ज्ञान भी था इसके साथ साथ आप बहुत ही भाषा बोल लेते थे। आप जी का सभी संतो को प्यार से समझाना , सब से प्यार करना बहुत आनंदित था।
माता सविंदर हरदेव जी
![]() |
माता सविंदर हरदेव जी |
वर्तमान गुरु सुदीक्षा जी
![]() |
| वर्तमान गुरु सुदीक्षा जी |
%20all.jpg)
.jpg)




%20mata%20ji.jpg)
Satsang
ReplyDeleteSewa
Sumiran